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सोमवार, 24 जून 2019

64. यह सत्य को अभ्यास में लाना है

फैन ज़िंग झुमैडियन शहर, हेनान प्रान्त
अतीत में, कुछ कर्तव्यों पर कार्य करने के लिए मुझे एक बहन के साथ जोड़ा गया। क्योंकि मैं अहंकारी और घमण्डी थी और सत्य की खोज नहीं करती थी, इसलिए मुझमें इस बहन के प्रति कुछ पूर्वकल्पित विचार थे जिन्हें मैंने हमेशा अपने हृदय में रखा और उसके साथ खुलकर संवाद नहीं किया। जब हम अलग हुए, तो मैंने सामंजस्यपूर्ण कार्यकारी रिश्ते की सच्चाई में प्रवेश नहीं किया था। बाद में, कलीसिया ने किसी अन्य बहन के साथ कार्य करने की मेरे लिए व्यवस्था की और मैंने परमेश्वर के सामने एक दृढ़ संकल्प स्थित किया: अब से, मैं असफलता के मार्गों पर नहीं चलूँगी।

शुक्रवार, 29 मार्च 2019

43. किसी व्यक्ति के अंत का निर्णय परमेश्वर किस बात पर आधारित करता है?

43. किसी व्यक्ति के अंत का निर्णय परमेश्वर किस बात पर आधारित करता है?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
अब वह समय है जब मैं प्रत्येक व्यक्ति का अंत करने का निश्चय करता हूँ, उस चरण का नहीं जिस पर मैंने मनुष्यों पर कार्य आरंभ किया था। मैं अपनी अभिलेख पुस्तक में प्रत्येक व्यक्ति के वचनों और कार्यों को, एक-एक करके, और साथ ही मेरा अनुसरण करने में उनके मार्ग को, उनके अंतर्निहित अभिलक्षणों को। और उनके अंतिम प्रदर्शन को लिखता हूँ। इस तरह, किसी भी प्रकार का मनुष्य मेरे हाथ से नहीं बचेगा, और सभी अपने स्वयं के प्रकार के लोगों के साथ होंगे, जैसा मैं उन्हें नियत करूँगा।

रविवार, 3 मार्च 2019

13. सच्चाई को समझने और सिद्धांत को समझने में क्या अंतर है?


13. सच्चाई को समझने और सिद्धांत को समझने में क्या अंतर है?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
परमेश्वर के वचन के वास्तविक अर्थ की वास्तविक समझ पाना कोई आसान बात नहीं है। यह मत सोचो कि तुम परमेश्वर के वचनों के शाब्दिक अर्थ की व्याख्या सकते हो, और हर कोई कह देगा कि तुम्हारी व्याख्या अच्छी है और तुम्हारी प्रशंसा करेगा, तो इसका मतलब है कि तुम परमेश्वर के वचन समझते हो। यह परमेश्वर के वचन को समझने के समान नहीं है। यदि तुमने परमेश्वर के वचन के भीतर से कुछ प्रकाश प्राप्त किया है और तुमने परमेश्वर के वचन का वास्तविक अर्थ जान लिया है, यदि तुम बता पाते हो कि परमेश्वर के वचन का क्या महत्व है और इसका अंतिम प्रभाव क्या होता है, केवल जब यह सब स्पष्ट हो जाता है, तब ही तुम परमेश्वर के वचनों की कुछ समझ प्राप्त कर पाते हो। तो, परमेश्वर के वचन समझना इतना आसान नहीं है।

गुरुवार, 25 अक्टूबर 2018

तुम विश्वास के विषय में क्या जानते हो?

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तुम विश्वास के विषय में क्या जानते हो?



मनुष्य केवल विश्वास के अनिश्चित शब्द पर बना रहता है, फिर भी मनुष्य यह नहीं जानता है कि वह क्या है जो विश्वास का निर्माण करता है, और यह तो बिलकुल ही नहीं जानता है कि उसके पास विश्वास क्यों है। मनुष्य बहुत ही कम जानता है और स्वयं मनुष्य में बहुत सारी कमियाँ हैं; वह बस लापरवाही और अज्ञानता से मुझ पर विश्वास रखता है। यद्यपि वह नहीं जानता है कि विश्वास क्या है न ही वह यह जानता है कि वह क्यों मुझ पर विश्वास रखे हुए है, वह सनक के साथ निरन्तर ऐसा करता रहता है।

गुरुवार, 18 अक्टूबर 2018

पृथ्वी के परमेश्वर को कैसे जानें

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पृथ्वी के परमेश्वर को कैसे जानें



परमेश्वर के सामने तुम सभी लोग पुरस्कार प्राप्त करके और उसकी नज़रों में उसके अनुग्रह की वस्तु बन कर प्रसन्न होते हो। यह हर एक की इच्छा होती है जब वह परमेश्वर पर विश्वास करना प्रारम्भ करता है, क्योंकि मनुष्य सम्पूर्ण हृदय से ऊँची चीज़ों के लिए प्रयास करता है और कोई भी दूसरे से पीछे नहीं रहना चाहता है। यही मनुष्य का तरीका है।

बुधवार, 17 अक्टूबर 2018

परमेश्वर सम्पूर्ण सृष्टि का प्रभु है

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परमेश्वर सम्पूर्णसृष्टि का प्रभु है


 

पिछले दो युगों के कार्यों में से एक चरण का कार्य इस्राएल में सम्पन्न हुआ; दूसरा यहूदिया में हुआ। सामान्य तौर पर कहा जाए तो, इस कार्य का कोई भी चरण इस्राएल को छोड़ कर नहीं गया; कार्य के ये वे चरण थे जो विशेष चुने हुए लोगों के मध्य में किये गए। इस प्रकार से, इस्राएलियों के दृष्टिकोण से, यहोवा परमेश्वर केवल इस्राएलियों का परमेश्वर है। यहूदिया में यीशु के कार्य के कारण और उसके क्रूस पर चढ़ने के कार्य को पूरा करने के कारण, यहूदियों के दृष्टिकोण से, यीशु यहूदियों का उद्धारकर्ता है।

रविवार, 14 अक्टूबर 2018

विजयी कार्यों का आंतरिक सत्य (4)

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विजयी कार्यों का आंतरिक सत्य (4)


सिद्ध बनाए जाने का क्या अर्थ है? जीत लिए जाने का क्या अर्थ है? जीत लिए जाने के लिए एक व्यक्ति को किन मानदण्डों पर खरा उतरना अनिवार्य है? सिद्ध बनाए जाने के लिए एक व्यक्ति को किन मानदण्डों पर खरा उतरना अनिवार्य है? जीत लिया जाना और सिद्ध किया जाना दोनों मनुष्य में कार्य किए जाने के लिए हैं ताकि वह अपनी वास्तविक समानता में लौट सके और अपने भ्रष्ट शैतानी स्वभाव और शैतान के प्रभाव से स्वतन्त्र हो जाए।

शनिवार, 13 अक्टूबर 2018

परमेश्वर के कार्य का दर्शन (3)

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परमेश्वर के कार्य का दर्शन (3)


पहली बार जब परमेश्वर देह बना तो यह पवित्र आत्मा द्वारा गर्भधारण के माध्यम से था, और यह उस कार्य से संबंधित था जिसे करने का वह इरादा रखता था। यीशु के नाम ने अनुग्रह के युग की शुरुआत को प्रख्यात किया। जब यीशु ने अपनी सेवकाई आरंभ की, तो पवित्र आत्मा ने यीशु के नाम की गवाही देनी आरंभ कर दी, और यहोवा का नाम अब और नहीं बोला जा रहा था, और इसके बजाय पवित्र आत्मा ने मुख्य रूप से यीशु के नाम से नया कार्य आरंभ किया था।

बुधवार, 3 अक्टूबर 2018

वे जो मसीह से असंगत हैं निश्चय ही परमेश्वर के विरोधी हैं

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वे जो मसीह से असंगत हैं निश्चय ही परमेश्वर के विरोधी हैं


सभी मनुष्य यीशु के सच्चे रूप को देखने और उसके साथ रहने की इच्छा करते हैं। मैं विश्वास करता हूँ कि भाईयों या बहनों में से एक भी ऐसा नहीं है जो कहेगा कि वह यीशु को देखने या उसके साथ रहने की इच्छा नहीं करता है। यीशु को देखने से पहले, अर्थात्, इस से पहले कि तुम लोग देहधारी परमेश्वर को देखो, तुम्हारे भीतर अनेक विचार होंगे, उदाहरण के लिए, यीशु के रूप के बारे में, उसके बोलने का तरीका, उसके जीवन का तरीका, और इत्यादि।

रविवार, 30 सितंबर 2018

वे सब जो परमेश्वर को नहीं जानते हैं वे ही परमेश्वर का विरोध करते हैं

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वे सब जो परमेश्वर को नहीं जानते हैं वे ही परमेश्वर का विरोध करते हैं



परमेश्वर के कार्य के उद्देश्य, मनुष्यों में कैसा प्रभाव प्राप्त किया जाना है, और मनुष्य के प्रति परमेश्वर की इच्छा क्या है, को समझना यही सब बातें हर उस व्यक्ति को उपार्जित करनी चाहिए जो परमेश्वर का अनुसरण करता है। अभी सभी मनुष्यों में जिस चीज का अभाव है, वह है परमेश्वर के कार्य का ज्ञान। मनुष्य न बूझता है और न ही समझता है कि वास्तव में कौन सी चीज मनुष्य में परमेश्वर के कर्म, परमेश्वर के समस्त कार्य को, और सृष्टि की रचना के बाद से परमेश्वर की इच्छा को निर्मित करती है।

सोमवार, 17 सितंबर 2018

सत्ताईसवाँ कथन

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सत्ताईसवाँ कथन


मानवीय व्यवहार ने कभी भी मेरे हृदय को स्पर्श नहीं किया है, और न ही वह मुझे बहुमूल्य लगा है। मनुष्य की नज़रों में, मैं हमेशा उससे सख़्ती से व्यवहार कर रहा हूँ, और मैं हमेशा उसके ऊपर अधिकार का प्रयोग कर रहा हूँ। मनुष्य के सभी कार्यों में, शायद ही कोई ऐसी चीज़ है जो मेरे वास्ते की जाती है, शायद ही कोई ऐसी चीज़ है जो मेरी नज़रों के सामने अडिग रहती है। अंततः, मनुष्य से संबंधित हर चीज़ मेरे सामने अतिसूक्ष्म रूप से चूर-चूर हो जाती है, और केवल उसके बाद ही हर किसी को उसकी स्वयं की विफलता के माध्यम से मुझे ज्ञात करवाते हुए, मैं अपने कार्य-कलापों को प्रदर्शित करता हूँ।

रविवार, 16 सितंबर 2018

तुम लोगों को अपने कार्यों पर विचार करना चाहिए

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तुम लोगों को अपने कार्यों पर विचार करना चाहिए


     तुम्हारे जीवन के कार्यों से अनुमान लगता है, कि तुम लोगों को पोषण और पुन: आपूर्ति के लिए प्रतिदिन वचनों की आवश्यकता है, क्योंकि तुम लोगों में बहुत सारी कमियां हैं और तुम लोगों में ग्रहण करने की योग्यता और ज्ञान बहुत ही कम है। अपने दैनिक जीवन में तुम लोग एक ऐसे वातावरण में रहते हो जिसमें कोई सत्य या भला एहसास नहीं है। तुम में अस्तित्व में बने रहने के लिए प्रधान वस्तु की कमी है और मुझे या सत्य को जानने के लिए तुम लोगों के पास आधार नहीं है।

गुरुवार, 13 सितंबर 2018

एक वास्तविक मनुष्य होने का क्या अर्थ है

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एक वास्तविक मनुष्य होने का क्या अर्थ है


मनुष्य का प्रबंधन करना मेरा कार्य है, और मेरे द्वारा उसे जीत लिया जाना और भी अधिक कुछ चीज़ है जो तब नियत की गई थी जब मैंने संसार की रचना की थी। हो सकता है कि लोग नहीं जानते हों कि अंत के दिनों में मैं उन्हें पूरी तरह से जीत लूँगा और हो सकता है कि वे इस बारे में भी अनजान हों कि मानवजाति में से विद्रोही लोगों को जीत लेना ही शैतान को मेरे द्वारा हराने का प्रमाण है।परन्तु जब मेरा शत्रु मेरे साथ संघर्ष में शामिल हुआ, तो मैंने उसे पहले से ही बता दिया था कि मैं उन सभी को जिन्हें शैतान ने बंदी बना लिया था और अपनी संतान बना लिया था और उसके घर की निगरानी करने वाले उसके वफादार सेवकों को जीतने वाला बनूँगा।

बुधवार, 12 सितंबर 2018

भ्रष्ट मनुष्य परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करने में अक्षम है

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भ्रष्ट मनुष्य परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करने में अक्षम है


मनुष्य, शैतान के प्रभाव के बंधन में जकड़ा हुआ, अंधकार के प्रभाव के आवरण में रह रहा है जिसमें से बच निकलने का मार्ग नहीं हैं। और मनुष्य का स्वभाव, शैतान के द्वारा संसाधित किए जाने के पश्चात्, उत्तरोत्तर भ्रष्ट होता जा रहा है।

शनिवार, 25 अगस्त 2018

इक्कीसवाँ कथन

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इक्कीसवाँ कथन


मनुष्य मेरी ज्योति के बीच में गिरता है और मेरे द्वारा उद्धार के कारण डटा रहता है। जब मैं पूरे विश्व में उद्धार लेकर आता हूँ, तो मनुष्य मेरे पुनरुद्धार के प्रवाह में प्रवेश करने के लिए रास्ते तलाशने की कोशिश करता है;

शनिवार, 30 जून 2018

Accept Judgment and Be Raptured Before God | Hindi Gospel Video "स्वर्गिक राज्य का मेरा स्वप्न"

Accept Judgment and Be Raptured Before God | Hindi Gospel Video "स्वर्गिक राज्य का मेरा स्वप्न"


सॉन्ग येमयोंग दक्षिण कोरिया की एक कलीसिया के पादरी हैं। अनेक वर्षों तक प्रभु के एक धर्मनिष्ठ अनुयायी के रूप में, वे प्रभु के लौटने पर स्वर्ग के राज्य में आरोहण की प्रतीक्षा करते हुए पूरे मन से अपने विश्‍वास का अनुसरण और प्रभु के लिए कार्य कर रहे हैं। हाल के वर्षों में, कलीसिया में पवित्र आत्‍मा के कार्य की अनुपस्थिति और उसके उत्‍तोरत्‍तर उजाड़ होने को देख कर वे बहुत परेशान और लाचार अनुभव करते रहे हैं।

शुक्रवार, 29 जून 2018

New Hindi Christian Official Song 2018 | क्या तुम्हें पता है स्रोत अंनत जीवन का?

New Hindi Christian Song 2018 | क्या तुम्हें पता है स्रोत अंनत जीवन का?



New Hindi Christian Song 2018 | क्या तुम्हें पता है स्रोत अंनत जीवन का?

क्या तुम्हें पता है स्रोत अंनत जीवन का?
कोई भी जीवित चीज़ मुक्त हो नहीं सकती परमेश्वर के शासन और अधिकार से।
परमेश्वर है इंसानी जीवन का स्रोत, स्वर्ग और धरती चलते उसकी शक्ति से।
झुकाना होता है खुद को उसके प्रभुत्व, नियंत्रण और हुक्म के सामने!
चाहे तुम कोई भी हो, हर किसी को माननी होती है प्रभु की बात,
हो सकता है तुम हो उत्सुक पाने को जीवन और सत्य,
अगर चाहिए तुम्हें अनंत जीवन, ढूंढो उसका स्रोत और परमेश्वर है कहाँ।
ढूंढने को वो परमेश्वर जिस पर कर सको विश्वास अनंत जीवन पाने के लिए।
परमेश्वर है वो जीवन जो बदलता नहीं, बस उसके पास है जीने की राह।
वही है मुख्य बिंदु हर दिल का, और वो जीता, साँस लेता है इंसान के बीच।
क्योंकि परमेश्वर है जीने की राह, वो ही है अनंत जीवन की राह।

अंतिम दिनों में परमेश्वर का कार्य है नया। ब्रह्मांड का राजा वही है।
तब ही वो ला सकता है नया जीवन
अपना प्रबंधन कार्य करने को पूरा परमेश्वर देता है ब्रह्मांड को आज्ञा।
और ले जा सकता है इंसान को जीवन की राह की ओर।
इंसान के बीच रहने आता है परमेश्वर,
स्वर्ग और इंसान के दिल में ही नहीं, परमेश्वर जीता है इस दुनिया में।
ताकि इंसान पा सके जीवन और रह सके जीवित।
परमेश्वर है अनंत जीवन की राह, वो ही है अनंत जीवन की राह।
इस सत्य से इंकार नहीं ले जा पाएगा तुम्हें सत्य या जीवन की ओर।
परमेश्वर चलाता है ब्रह्मांड को, जीने की है सिर्फ़ वही एक राह।
परमेश्वर है अनंत जीवन की राह, वो ही है अनंत जीवन की राह।
परमेश्वर चलाता है ब्रह्मांड को, जीने की है सिर्फ़ वही एक राह।
"वचन देह में प्रकट होता है" से

अनुशंसित:Hindi Christian Song | "परमेश्वर का धार्मिक स्वभाव है अनूठा" | How to Know God?

चमकती पूर्वी बिजली, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का सृजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकट होने और उनका काम, परमेश्वर यीशु के दूसरे आगमन, अंतिम दिनों के मसीह की वजह से किया गया था। यह उन सभी लोगों से बना है जो अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं और उसके वचनों के द्वारा जीते और बचाए जाते हैं। यह पूरी तरह से सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थापित किया गया था और चरवाहे के रूप में उन्हीं के द्वारा नेतृत्व किया जाता है। इसे निश्चित रूप से किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन है। परमेश्वर की भेड़ परमेश्वर की आवाज़ सुनती है। जब तक आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।

विशेष वक्तव्य: यह वीडियो प्रस्तुति सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कलीसिया द्वारा लाभ-के-लिए-नहीं (नॉट-फॉर प्रॉफिट) रचना के रूप में तैयार की गई थी। यह वीडियो किसी भी तीसरे पक्ष को लाभ के लिए वितरित नहीं किया जा सकता है, और हमें आशा है कि हर कोई इसे खुले तौर पर साझा और वितरित करेगा। जब आप इसे वितरित करते हैं, तो कृपया स्रोत पर ध्यान दें। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कलीसिया की सहमति के बिना, कोई भी संगठन, सामाजिक समूह या व्यक्ति इस वीडियो की सामग्री के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकता है या इसे गलत तरीके से प्रस्तुत नहीं कर सकता है।

इस वीडियो की अंतर्वस्तु का अनुवाद पूरी तरह से पेशेवर अनुवादकों द्वारा किया गया है। हालाँकि, भाषा-संबंधी विभिन्नताओं इत्यादि के कारण, कुछ त्रुटियों का होना अपरिहार्य है। यदि आपको ऐसी कोई त्रुटियाँ मिलती हैं, तो कृपया मूल चीनी संस्करण का संदर्भ लें, और हमें बताने के लिए संपर्क करने में संकोच न करें।

शुक्रवार, 22 जून 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर का कार्य एवं मनुष्य का रीति व्यवहार" (भाग तीन)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर का कार्य एवं मनुष्य का रीति व्यवहार" (भाग तीन)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर के कार्य के प्रत्येक उदाहरण में ऐसे दर्शन हैं जिन्हें मनुष्य के द्वारा पहचाना जाना चाहिए, ऐसे दर्शन जिनका अनुसरण मनुष्य के प्रति परमेश्वर की उचित अपेक्षाओं के द्वारा किया जाता है। बुनियाद के रूप में इन दर्शनों के बिना, मनुष्य साधारण तौर पर रीति व्यवहार में असमर्थ होगा, और न ही मनुष्य बिना लड़खड़ाए परमेश्वर का अनुसरण करने के योग्य होगा। यदि मनुष्य परमेश्वर को नहीं जानता या परमेश्वर की इच्छा को नहीं समझता, तो वह सब कुछ जो मनुष्य करता है वह व्यर्थ है, और परमेश्वर के द्वारा ग्रहण किए जाने के योग्य नहीं है।

गुरुवार, 21 जून 2018

परमेश्वर को जानना परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का मार्ग है

अंतिम दिनों के मसीह के कथन (पाठ)
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-परमेश्वर को जानना परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का मार्ग है

प्रत्येक व्यक्ति परमेश्वर में विश्वास करके नए सिरे से अपने जीवन की जांच करके यह देख सकता है कि क्या परमेश्वर को खोजते समय, वह सच्चे रूप में समझ गया है, सच्चे रूप में पूर्णत: समझ गया है, और सच्चे रूप में परमेश्वर को जाना है, और यह कि वह सच्चे रूप में जान गया है कि, विभिन्न मनुष्यों के प्रति परमेश्वर का मनोभाव क्या है, और यह कि वह वास्तव में यह समझ गया है कि परमेश्वर उस पर क्या कार्य कर रहा है और परमेश्वर कैसे उसके प्रत्येक कार्य को व्यक्त करता है।

सोमवार, 18 जून 2018

बाइबल के विषय में (4)


चमकती पूर्वी बिजली,सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया – सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-बाइबल के विषय में (4)

बहुत से लोग यह विश्वास करते हैं कि बाइबल को समझना और उसकी व्याख्या करने में समर्थ होना सच्चे मार्ग की खोज करने के समान है—परन्तु वास्तव में, क्या ये चीज़ें इतनी सरल हैं? बाइबल की सच्चाई को कोई नहीं जानता हैः कि यह परमेश्वर के कार्य के ऐतिहासिक अभिलेख, और परमेश्वर के कार्य के पिछले दो चरणों की गवाही से बढ़कर और कुछ नहीं है, और तुम्हें परमेश्वर के कार्य के लक्ष्यों की कोई समझ नहीं देता है। जिस किसी ने भी बाइबल को पढ़ा है वह जानता है कि यह व्यवस्था के युग और अनुग्रह के युग के दौरान परमेश्वर के कार्य के दो चरणों को प्रलेखित करता है।

ईसाई गीत | सिर्फ़ वही प्रवेश करेंगे अंतिम विश्राम में जो हो चुके हैं पवित्र

ईसाई गीत  | सिर्फ़ वही प्रवेश करेंगे अंतिम विश्राम में जो हो चुके हैं पवित्र उतरी है आदम हव्वा से, लेकिन भविष्य की मानव जाति, न होगी ...