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सोमवार, 8 जुलाई 2019

71. नकाब को फाड़ डालो, और नए सिरे से जीवन शुरू करो

चेन डान हुनान प्रदेश
पिछले साल के अंत में, क्योंकि मैं अपने क्षेत्र में सुसमाचार के कार्य को फैलाने में असमर्थ थी, इसलिए परमेश्चर के परिवार ने किसी अन्य क्षेत्र से एक भाई को मेरे कार्य का अधिकार सँभालने के लिए स्थानांतरित किया। इससे पूर्व मुझे सूचित नहीं किया गया था, बल्कि मैं जिस बहन के साथ साझेदारी कर रही थी उसके माध्यम से अप्रत्यक्ष तौर पर मुझे यह सुनने को मिला था। मैं बहुत घबरा गई थी। मुझे संदेह था कि प्रभारी व्यक्ति ने मुझे इस डर से सूचित नहीं किया था कि मैं अपना पद त्यागने के लिए तैयार नहीं होऊँगी और झगड़ा करूँगी। परिणामस्वरूप, प्रभारी बहन के लिए मेरे मन में ख़राब राय बन गई थी। बाद में, वह बहन मुझसे मिली और उसने पूछा कि बदले जाने के बारे में मुझे कैसा महसूस हुआ था—शुरू में मैं अपने मन की बात करने वाली थी, किन्तु मुझे चिंता हुई कि उस पर मेरा ग़लत असर पड़ेगा और वह सोचेगी कि मैं पद के लिए षड़यंत्र कर रही हूँ।

शुक्रवार, 5 जुलाई 2019

70. परमेश्वर का कार्य कितना ज्ञानपूर्ण है!

शिजी मा एंशन शहर, एन्हुइ प्रांत
कलीसिया में एक अगुआ के रूप में काम करने के मेरे समय के दौरान, मेरा अगुआ अक्सर ही हमारे लिए सबक के रूप में काम आने के लिए दूसरों की असफलताओं के उदाहरण साझा किया करता था। उदाहरण के लिए: कुछ अगुआ केवल पत्रों और सिद्धांतों की बातें करते थे लेकिन अपनी खुद की भ्रष्टता का उल्लेख करने या वास्तविकता के साथ सत्य को कैसे लागू किया जाए इस बारे में अपनी समझ के संबंध में संगति करने में असफल रहते थे। परिणामस्वरूप, ऐसे अगुआ अक्सर ही अपने सेवा के सालों में अप्रभावी रहते थे और यहाँ तक कि बुरा करने और परमेश्वर का विरोध करने वाले तक बन गए थे।

मंगलवार, 2 जुलाई 2019

68. पवित्र आत्मा के कार्य का पालन करना अति महत्वपूर्ण है!

बहन ज़ाइओवेई शैंगहाई शहर
कुछ समय पहले, हालाँकि मैं हमेशा से कुछ प्रेरणा और लाभ प्राप्त करती थी जब एक बहन जो मेरे साथ भागीदारी करती थी उसने मेरे साथ उस अद्भुत प्रकाशन को साझा किया था जिसे उसने परमेश्वर के वचन को खाते और पीते समय प्राप्त किया था, मुझ में हमेशा से एक ठहरा एहसास भी था कि वह दिखावा कर रही थी। मैं अपने आप में सोचती, "यदि मैं उसे इसी वक्त प्रत्युत्तर दूं, तो क्या मैं उसे बढ़ावा नहीं दे रही होऊँगी? उस अर्थ में, तब क्या मैं उससे कमतर नहीं दिखाई दूंगी?" इसके परिणामस्वरूप, मैं ने वार्तालाप में अपने स्वयं के विचारों को लाने से या किसी भी ऐसी सोच पर टीका-टिप्पणी करने से मना कर दिया जिसे वह साझा करती थी।

शनिवार, 29 जून 2019

67. सर्वोत्कृष्ट उपहार जो परमेश्वर ने मुझे दिया है

यिक्ज़िन शिजिएजुआंग शहर, हेबेई प्रान्त
इससे पहले, मैं बार-बार अपने भाइयों एवं बहनों को यह कहते हुए सुनती थी कि, "परमेश्वर जो कुछ भी करता है वह बहुत अच्छे के लिए होता है; यही वह सब है जिसकी लोगों को आवश्यकता है। मैंने इसे स्वीकार किया और इसके साथ सहमत थी, लेकिन मेरे स्वयं के अनुभव के माध्यम से मुझे कोई समझ नहीं थी। बाद में मुझे उसे बातावरण के जरिए इसकी कुछ समझ प्राप्त हुई जिसे परमेश्वर ने मेरे लिए सृजित किया था।

बुधवार, 26 जून 2019

66. एक सच्ची भागीदारी

फैंग ली एन्यांग शहर, हेनान प्रान्त
हाल ही में मैंने सोचा था कि मैंने एक सामंजस्यपूर्ण भागीदारी में प्रवेश किया है। मैं और मेरा सहभागी किसी भी चीज़ पर चर्चा कर सकते थे, कभी-कभी मैंने उससे यहाँ तक कि मेरी कमियों की ओर इशारा करने के लिए भी कहा, और हमने कभी भी लड़ाई नहीं की, इसलिए मैंने सोचा कि हमने एक सामंजस्यपूर्ण भागीदारी को प्राप्त कर किया है। किन्तु जब तथ्य प्रकट हुए, तो एक सच्ची सामंजस्यपूर्ण भागीदारी ऐसी कुछ नहीं थी जिसकी मैंने कल्पना की थी।

सोमवार, 24 जून 2019

64. यह सत्य को अभ्यास में लाना है

फैन ज़िंग झुमैडियन शहर, हेनान प्रान्त
अतीत में, कुछ कर्तव्यों पर कार्य करने के लिए मुझे एक बहन के साथ जोड़ा गया। क्योंकि मैं अहंकारी और घमण्डी थी और सत्य की खोज नहीं करती थी, इसलिए मुझमें इस बहन के प्रति कुछ पूर्वकल्पित विचार थे जिन्हें मैंने हमेशा अपने हृदय में रखा और उसके साथ खुलकर संवाद नहीं किया। जब हम अलग हुए, तो मैंने सामंजस्यपूर्ण कार्यकारी रिश्ते की सच्चाई में प्रवेश नहीं किया था। बाद में, कलीसिया ने किसी अन्य बहन के साथ कार्य करने की मेरे लिए व्यवस्था की और मैंने परमेश्वर के सामने एक दृढ़ संकल्प स्थित किया: अब से, मैं असफलता के मार्गों पर नहीं चलूँगी।

मंगलवार, 18 जून 2019

63. शैतान के जूए को उतार फेंकना ही मुक्त करता है

बहन मोमो हेफि शहर, एन्हुई प्रान्त
परमेश्वर पर विश्वास करने से पहले, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था कि मैं क्या करती थी, मैं कभी पीछे रहना नहीं चाहती थी। मैं किसी भी कठिनाई को स्वीकार करने के लिए तैयार थी जब तक इसका आशय यह था कि मैं हर किसी से ऊपर उठ सकती थी। परमेश्वर को स्वीकार करने के पश्चात्, मेरी मनोवृत्ति वैसी ही बनी रही, क्योंकि मैं दृढ़ता से इस कहावत पर विश्वास करती थी, "कोई दर्द नहीं, तो कोई लाभ नहीं," और मैं ने अपनी मनोवृत्ति (रवैया) को अपनी प्रेरणा के एक प्रमाण के रूप में देखा था।

सोमवार, 17 जून 2019

62. अप्रभावी कार्य का असल कारण

बहन ज़िनयी ज़ि'आन शहर, शानसी प्रांत
कलीसियाओं के मेरे हाल ही के दौरों में, मैं ने अक्सर अगुवों एवं कार्यकर्ताओं को यह कहते हुए सुना कि कुछ लोग, मेरे साथ संगति में भाग लेने के पश्चात्, नकारात्मकएवं दुर्बल हो गए और उनमें निरन्तर खोज करने की प्रेरणा की कमी हो गई। अन्य लोगों ने महसूस किया कि परमेश्वर में विश्वास करना अत्यधिक चुनौतीपूर्ण था और उन्होंने परमेश्वर को गलत समझा।

रविवार, 16 जून 2019

61. एक ईमानदार व्यक्ति होना आसान नहीं है

ज़िक्सिन, हुबेई प्रांत
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के समय के कार्य को स्वीकार करने के बाद, परमेश्वर के वचनों को पढ़ने और उपदेशों को सुनने के माध्यम से, मुझे अपने विश्वास में एक ईमानदार व्यक्ति होने का महत्व समझ में आया, और मैं जान पाई कि केवल एक ईमानदार व्यक्ति बनकर ही कोई परमेश्वर का उद्धार पा सकता है। इसलिए मैंने वास्तविक जीवन में एक ईमानदार व्यक्ति बनने का अभ्यास करना शुरू किया। कुछ समय के बाद, मैंने पाया कि मुझे इसमें कुछ प्रवेश मिला है।

बुधवार, 5 जून 2019

53. सत्‍य को सचमुच स्‍वीकार करना क्‍या है?

शियाओहे पुयांग शहर, हेनान प्रांत
अतीत में, हर समय जब मैं परमेश्‍वर द्वारा प्रकट उस वचन के बारे में पढ़ता था कि कैसे लोग सत्‍य को स्‍वीकार नहीं करते हैं, तो मैं यह विश्‍वास नहीं करता था कि वे वचन मुझ पर भी लागू होते हैं। मैं परमेश्वर के वचन को खाने और पीने तथा परमेश्वर के वचन का संवाद करने का आनन्द लेता था, मैं परमेश्‍वर के द्वारा कही गई हर बात को स्वीकार और अंगीकार करने में समर्थ था—इस बात की परवाह किए बिना कि यह मेरे हृदय को कितनी चुभती है या यह मेरी अवधारणओं के अनुरूप नहीं है।

मंगलवार, 4 जून 2019

51. मैंने परमेश्वर के उद्धार का अनुभव किया

चेंग हाओ, योंगझाऊ शहर, हुनान प्रांत
परमेश्वर की कृपा से, हमारे कर्तव्यों को पूरा करने के लिए, मेरी पत्नी और मुझे सुसमाचार के दल के द्वितीय-क्रम में पदोन्नत किया गया था। कुछ समय पहले, मेरी पत्नी को एक दल का निदेशक पदोन्नत किया गया था, जबकि, अपने घमंडी और अनियंत्रित व्यवहार के कारण मैंने पवित्र आत्मा के कार्य को गँवा दिया और मुझे अपने कृत्यों पर चिंतन करने के लिए घर भेज दिया गया था। यह देखते हुए कि मेरी पत्नी और मैंने एक ही समय पर अपने कर्तव्यों को पूरा करना शुरू किया था, उसे पदोन्नत किए जाते हुए देखना जबकि मुझे मेरे कर्तव्यों से पदच्युत किया गया था, इस बात को स्वीकार करना मुश्किल था।

सोमवार, 3 जून 2019

49. तथाकथित अच्‍छे व्‍यक्ति का असली चेहरा

केमु, झ़ुमैडियन शहर, हेनन प्रांत
अपने मन में, मैं हमेशा स्वयं को एक अच्‍छी मानवता वाली व्‍यक्ति समझती थी। मुझे ऐसा इसलिए लगता था क्योंकि, मेरे पड़ोसी अक्सर मेरे माता-पिता के सामने मेरी समझदार और अपने परिवार की चिंता करने वाली होने के लिए तारीफ करते थे; कहते थे कि मैं अपने माता-पिता की आँखों का तारा हूँ। विवाह के बाद, मेरे ससुराल के लोग पड़ोसियों के सामने मेरे दयालु और संतानोचित होने के लिए प्रशंसा करते थे। मेरी इकाई में, मेरा अगुआ मेरे ईमानदार और सक्षम होने की वजह से मेरी सराहना करता था। और परमेश्वर के कार्य के इस चरण को स्‍वीकार करने के बाद से, मैं कलीसिया द्वारा मुझसे कही गई हर चीज़ को करने के लिए के प्रति आज्ञाकारी रही हूँ।

गुरुवार, 30 मई 2019

47. खोज के पीछे छुपे रहस्य

ली ली डेझोउ शहर, शैंडॉन्ग प्रांत
कुछ समय पहले, मुझे परमेश्वर द्वारा उठाया गया और क्षेत्र के कार्यकर्ता के रूप में प्रोन्नत कर दिया गया। एक दिन, जब मैं अपने सह-कर्मियों के साथ इकट्ठा थी, तो मैं खुद में सोचने के अलावा और कुछ नहीं कर सकी: मुझे जरूर अच्छा करना चाहिए। अगर मैंने ख़राब ढंग से किया, तो मेरे अगुआ और सह-कर्मी मुझे कैसे देखेंगे? परिणामस्वरूप, जब हम किसी विषय पर एक साथ चर्चा करते थे, तो अगर उस विषय की मुझे मात्र थोड़ी सी भी समझ होती थी, तो मैं सबसे पहले कुछ कहने की कोशिश करती थी, हालाँकि, जब मुझे हाथ के विषय पर कोई समझ नहीं होती थी और मैं कुछ कहने में असमर्थ होती थी, तो मैं खुद में चिंतित हुआ पाती थी।

बुधवार, 29 मई 2019

46. "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का वास्तविक अर्थ

झांग जुन शेन्यांग शहर, लियाओनिंग प्रांत
अतीत में, मैं मानता था कि "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का अर्थ परमेश्वर के साथ विश्वासघात करना है, कलीसिया को छोड़ना, या अपने कर्तव्य से दूर भागना है। मैं सोचता था कि ये व्यवहार ही विद्रोह का निर्माण करते हैं। इसलिए, जब भी मैं लोगों को इस तरह के व्यवहार में शामिल हुआ सुनता था, तो मैं खुद को याद दिलाया करता कि मुझे इन लोगों की तरह परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, मैं अपने सभी प्रयासों में सतर्क रहता था और कलीसिया द्वारा मुझे सौंपे गए सभी कार्यों का पालन करता था।

मंगलवार, 28 मई 2019

45. मेरे जीवन सिद्धांतों ने मेरा अहित किया

चैंगकाई बेंग्ज़ी शहर, लियाओनिंग प्रांत
एक सामान्य वाक्यांश "अच्छे लोग सबसे पीछे रह जाते हैं", ऐसी बात है जिससे मैं निजी रूप से बेहद परिचित हूँ। मैं और मेरा पति विशेष रूप से निष्कपट लोग थे: जब ऐसे मामलों की बात आती जिनमें हमारा खुद का निजी लाभ या हानि शामल हो, तो हम दूसरों के साथ बखेड़ा या झंझट वाले लोगों में से नहीं थे। हम जहाँ धीरज रख सकते थे हम धीरज रखते थे, हम जहाँ समझौतापरक हो सकते थे, वहाँ हम समझौतापरक होने की पूरी कोशिश करते थे। परिणामस्वरूप, अक्सर ही हम अपने को दूसरों के द्वारा धोखा दिया जाता हुआ और हमें अपमानित किया जाता हुआ पाते थे।

सोमवार, 27 मई 2019

44. मैं सभी का पर्यवेक्षण स्वीकार करने की इच्छुक हूँ

ज़िआंशैंग जिंझॉन्ग शहर, शांग्ज़ी प्रांत
कुछ समय पहले, जब भी मैं सुनती थी कि जिले के उपदेशक हमारे कलीसिया में आ रहे हैं, तो मैं थोड़ा बेचैन महसूस करती थी। मैं बाहरी तौर पर अपनी भावनाएँ प्रकट नहीं करती थी, लेकिन मेरा दिल गुप्त विरोध से भरा हुआ होता था। मैंने सोचती थी कि: "अच्छा होगा कि तुम सब लोग न आओ। अगर तुम लोग आते हो, तो कलीसिया में कम से कम मेरे साथ कार्य मत करो। अन्यथा, मैं प्रतिबंधित हो जाऊँगी और संगति नहीं कर पाऊँगी।" बाद में, यह परिस्थिति इतनी बुरी हो गई कि मैं उनके आने से वास्तव में नफ़रत करती थी।

गुरुवार, 23 मई 2019

41. परमेश्वर का प्रेम की प्रकृति क्या है?

सिकियू, सुईहुआ सिटी, हीलॉन्ग जिआंग प्रदेश
जब भी मैं परमेश्वर के वचन का यह अवतरण पढ़ता हूं, “यदि तुम हमेशा मेरे प्रति बहुत निष्ठावान और प्यार करने वाले रहे हो, मगर तुम बीमारी, जीवन की बाधाओं, और अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के परित्याग की पीड़ा को भुगतते हो और जीवन में किसी भी अन्य दुर्भाग्य को सहन करते हो, तो क्या तब भी मेरे लिए तुम्हारी निष्ठा और प्यार जारी रहेगा?” (“वचन देह में प्रकट होता है” से “एक बहुत गंभीर समस्या: विश्वासघात (2)” से) तो मुझे खास तौर पर दु:ख महसूस करता हूं — मेरे अंतर्मन में कष्ट की एक भावना फैलने लगती है और मेरा दिल अपनी मूक शिकायत कहने लगता है: प्रिय परमेश्वर, वे लोग जो तुम्हारे प्रति निष्ठावान हैं और तुमसे प्रेम करते हैं, तुम कैसे उन्हें ऐसे दुर्भाग्य का सामना करने देते हो?

बुधवार, 22 मई 2019

40. ईमानदारी में बहुत ज्यादा खुशी है

गैन एन हेफेई शहर, अनहुई प्रांत
अपने जीवन में, मैं हमेशा से ही सामाजिक वार्तालापों में "व्यक्ति को दूसरों को नुकसान पहुँचाने वाला हृदय नहीं रखना चाहिए, लेकिन इतना सतर्क भी रहना चाहिए कि उसे नुकसान न पहुँचे" वाक्यांश के अनुसार चला हूँ। मैं बिना सोचे विचारे दूसरों पर कभी विश्वास नहीं करता हूँ। मुझे हमेशा यह महसूस हुआ है कि ऐसी परिस्थितियों में, जहाँ आप किसी के वास्तविक इरादों को नहीं जानते हों, वहाँ आपको बहुत जल्दी अपने पत्ते नहीं खोलने चाहिए। इसलिए, एक शांतिपूर्ण नज़रिया अपनाए रखना काफी है—इस तरह से तुम खुद की रक्षा करते हो और अपने सहयोगियों की दृष्टि में भी तुम एक "अच्छे व्यक्ति" बनोगे।

मंगलवार, 21 मई 2019

38. मेरे हृदय की गहराई में समाया हुआ रहस्य

वुझी लिनयी शहर, शैंडॉन्ग प्रान्त
2006 की बसंत में, मुझसे मेरा अगुआ का पद छीन लिया गया था और मैं जहाँ से आई थी मुझे वापस वहाँ वापिस भेज दिया गया क्योंकि मुझे दूसरों का बहुत ज्यादा "चाटुकार" माना गया था। जब मैं पहली बार वापस गया, तो मैं संताप और वेदना की संकट की घड़ी में पड़ गया। मैंने कभी नहीं सोचा था कि सालों तक की अगुआई के बाद, "चाटुकार" होने के कारण चीज़ें बिगड़ जाएँगी। मेरे लिए यह अंत था, मैं सोचता था, कि मेरे सभी परिचितों को मेरी असफलता के बारे में पता चल जाएगा और मैं कलीसिया में एक बुरा उदाहरण बनकर रह जाऊँगा।

सोमवार, 20 मई 2019

36. उत्पीड़न और आपदा ने पनपने में मेरी सहायता की

बाइतुओ डेझोउ शहर, शैंडॉन्ग प्रांत
पहले, मैं सिर्फ इतना ही जानती थी कि परमेश्वर की बुद्धि का प्रयोग शैतान की साज़िश के आधार पर किया जाता था, यह कि परमेश्वर बुद्धिमान परमेश्वर है और यह कि शैतान सिद्धांत रूप से हमेशा ही परमेश्वर का पराजित शत्रु होगा, लेकिन मुझे इस बारे में कोई समझ या ज्ञान नहीं था कि यह वास्तविक अनुभव पर आधारित है। बाद में, केवल परमेश्वर द्वारा व्यवस्थित वातावरण के भीतर ही मुझे सत्य के इस पहलू का कुछ वास्तविक अनुभव प्राप्त हुआ।

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ईसाई गीत  | सिर्फ़ वही प्रवेश करेंगे अंतिम विश्राम में जो हो चुके हैं पवित्र उतरी है आदम हव्वा से, लेकिन भविष्य की मानव जाति, न होगी ...