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शनिवार, 22 जून 2019

Hindi Christian Movie | इंसान का आचरण | Only the Honest Are Truly Good People (Hindi Dubbed)

Hindi Christian Movie | इंसान का आचरण | Only the Honest Are Truly Good People (Hindi Dubbed)


बचपन से ही चेंग जियांगगुआंग के माता-पिता और अध्यापकों ने उसे सिखाया था "मिल-जुलकर रहना पूँजी है, सहनशीलता एक सदगुण है," "अच्छे दोस्तों के दोषों पर चुप रहने से दोस्ती अच्छी और लम्बी चलती है," "गलत होते देखकर भी ज़बान बंद रखो।" जैसी बातों का पालन करने से लोगों के साथ संबंध मधुर बने रहते हैं। उसने इन बातों को गांठ बांध लिया कि कभी किसी को अपने कामों या बातों से नाराज़ नहीं करना है, और हमेशा लोगों से अपने रिश्ते बनाए रखने का ख़्याल करना है, और अपने आस-पास के लोगों में एक "अच्छे इंसान" की छवि बनाये रखनी है।

शुक्रवार, 21 जून 2019

Hindi Gospel Movie | मैं एक नेक इंसान हूँ! | How to Be Good People in the Eyes of God

Hindi Gospel Movie | मैं एक नेक इंसान हूँ! | How to Be Good People in the Eyes of God


ईसाई धर्म में आस्था रखने वाली यांग हुईशिन को बचपन से ही एक अच्छा इंसान बनना पसंद था। उसे किसी को नाराज़ करना अच्छा नहीं लगता। वह मानती है कि वह एक अच्छी इंसान है, क्योंकि वह दयालु है और सबके साथ सहमति बनाकर चलती है। लेकिन अंत के दिनों के परमेश्वर के सुसमाचार को स्वीकारने और परमेश्वर के वचनों के न्याय और ताड़ना से गुज़रने के बाद ही, उसमें एक जागृति आती है। उसे अहसास होता है कि वह सचमुच एक अच्छी इंसान नहीं है। बल्कि वह शैतानी फलसफों के अनुसार जीती है, और बेहद ख़ुदगर्ज़, धूर्त "शरीफ इंसान" है।

बुधवार, 19 जून 2019

Hindi Christian Movie | ईमान से समझौता नहीं | God Blesses the Honest (Hindi Dubbed)

Hindi Christian Movie | ईमान से समझौता नहीं | God Blesses the Honest (Hindi Dubbed)


वांग शिनयू और उसके पति की कपड़े की एक दुकान है। हालाँकि आरंभ में वे पूरी सच्चाई और ईमानदारी से अपना स्टोर चलाते हैं। लेकिन अधिक धन नहीं कमा पाते और बड़ी मुश्किल से गुज़र-बसर कर पाते हैं। लेकिन जब वे अपने साथियों को झूठ और फ़रेब से कारोबार करके गाड़ियाँ और घर ख़रीदते, ऐशो-आराम की ज़िंदगी जीते देखते हैं, तो वे निर्णय करते हैं कि अब वे भी पीछे नहीं रहेंगे, और अपने साथियों की राह पर ही चलते हुए, वे झूठ और फ़रेब से कारोबार करने लगते हैं। कुछ सालों बाद, हालाँकि उन्होंने पैसा कमा लिया, उनकी अंतरात्मा उन्हें कचोटती है, उन्हें अपने दिल में एक ख़ालीपन का एहसास होता है।

रविवार, 16 जून 2019

61. एक ईमानदार व्यक्ति होना आसान नहीं है

ज़िक्सिन, हुबेई प्रांत
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के समय के कार्य को स्वीकार करने के बाद, परमेश्वर के वचनों को पढ़ने और उपदेशों को सुनने के माध्यम से, मुझे अपने विश्वास में एक ईमानदार व्यक्ति होने का महत्व समझ में आया, और मैं जान पाई कि केवल एक ईमानदार व्यक्ति बनकर ही कोई परमेश्वर का उद्धार पा सकता है। इसलिए मैंने वास्तविक जीवन में एक ईमानदार व्यक्ति बनने का अभ्यास करना शुरू किया। कुछ समय के बाद, मैंने पाया कि मुझे इसमें कुछ प्रवेश मिला है।

सोमवार, 3 जून 2019

49. तथाकथित अच्‍छे व्‍यक्ति का असली चेहरा

केमु, झ़ुमैडियन शहर, हेनन प्रांत
अपने मन में, मैं हमेशा स्वयं को एक अच्‍छी मानवता वाली व्‍यक्ति समझती थी। मुझे ऐसा इसलिए लगता था क्योंकि, मेरे पड़ोसी अक्सर मेरे माता-पिता के सामने मेरी समझदार और अपने परिवार की चिंता करने वाली होने के लिए तारीफ करते थे; कहते थे कि मैं अपने माता-पिता की आँखों का तारा हूँ। विवाह के बाद, मेरे ससुराल के लोग पड़ोसियों के सामने मेरे दयालु और संतानोचित होने के लिए प्रशंसा करते थे। मेरी इकाई में, मेरा अगुआ मेरे ईमानदार और सक्षम होने की वजह से मेरी सराहना करता था। और परमेश्वर के कार्य के इस चरण को स्‍वीकार करने के बाद से, मैं कलीसिया द्वारा मुझसे कही गई हर चीज़ को करने के लिए के प्रति आज्ञाकारी रही हूँ।

बुधवार, 22 मई 2019

40. ईमानदारी में बहुत ज्यादा खुशी है

गैन एन हेफेई शहर, अनहुई प्रांत
अपने जीवन में, मैं हमेशा से ही सामाजिक वार्तालापों में "व्यक्ति को दूसरों को नुकसान पहुँचाने वाला हृदय नहीं रखना चाहिए, लेकिन इतना सतर्क भी रहना चाहिए कि उसे नुकसान न पहुँचे" वाक्यांश के अनुसार चला हूँ। मैं बिना सोचे विचारे दूसरों पर कभी विश्वास नहीं करता हूँ। मुझे हमेशा यह महसूस हुआ है कि ऐसी परिस्थितियों में, जहाँ आप किसी के वास्तविक इरादों को नहीं जानते हों, वहाँ आपको बहुत जल्दी अपने पत्ते नहीं खोलने चाहिए। इसलिए, एक शांतिपूर्ण नज़रिया अपनाए रखना काफी है—इस तरह से तुम खुद की रक्षा करते हो और अपने सहयोगियों की दृष्टि में भी तुम एक "अच्छे व्यक्ति" बनोगे।

मंगलवार, 7 मई 2019

28. सही मायने में एक अच्छे व्यक्ति का मानदंड

मोरान लीन्यी शहर, शानडोंग प्रांत
जब से मैं एक बच्ची थी, मैंने हमेशा, दूसरे लोग मुझे कैसे देखते हैं और उनका मेरे लिए मूल्यांकन क्या है, इस बात को बहुत महत्व दिया। ताकि मैंने जो कुछ भी किया उसके लिए दूसरों से प्रशंसा प्राप्त कर सकूँ, जब भी कोई बात उठी, मैंने तब भी किसी से कोई तर्क नहीं किया, ताकि मेरी अच्छी छवि जो लोगों में मेरे लिए थी वह बनी रहे। अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करने के बाद, मैंने इसी तरीके से काम किया, जैसी अच्छी छवि मेरे भाइयों और बहनों में मेरे लिए थी उसे जिस तरह भी संभव हो कायम रखा।इससे पहले, जब मैं कार्य-प्रभारी थी, मेरा नेता अक्सर कहता था कि मेरा प्रदर्शन एक "हाँ-कहने वाला व्यक्ति," की तरह था और ऐसा प्रदर्शन नहीं था जो सच्चाई को अभ्यास में लाता है।

सोमवार, 6 मई 2019

27. झूठ के पीछे क्या है

ज़ियाओजिंग हेज़ शहर, शानडोंग प्रांत
हर बार जब मैंने परमेश्वर के वचनों को हमें ईमानदार बनने और सही ढंग से बोलने के लिए कहते हुए देखा, मैंने सोचा, "मुझे सही ढंग से बोलने में कोई समस्या नहीं है। क्या यह सिर्फ सच को सच बोलना तथा चीजों को वैसे ही बताना नहीं है, जैसे कि वे हैं? क्या यह उतना आसान नहीं है? इस संसार में मुझे जिस बात ने सबसे ज्यादा चिढ़ाया है, वह है लोगों का सुशोभित तरीके से बोलना।" इस वजह से, मैंने अत्यधिक विश्वास को महसूस किया, यह सोचकर कि इस सम्बन्ध में मुझे कोई समस्या नहीं है।

शुक्रवार, 29 मार्च 2019

43. किसी व्यक्ति के अंत का निर्णय परमेश्वर किस बात पर आधारित करता है?

43. किसी व्यक्ति के अंत का निर्णय परमेश्वर किस बात पर आधारित करता है?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
अब वह समय है जब मैं प्रत्येक व्यक्ति का अंत करने का निश्चय करता हूँ, उस चरण का नहीं जिस पर मैंने मनुष्यों पर कार्य आरंभ किया था। मैं अपनी अभिलेख पुस्तक में प्रत्येक व्यक्ति के वचनों और कार्यों को, एक-एक करके, और साथ ही मेरा अनुसरण करने में उनके मार्ग को, उनके अंतर्निहित अभिलक्षणों को। और उनके अंतिम प्रदर्शन को लिखता हूँ। इस तरह, किसी भी प्रकार का मनुष्य मेरे हाथ से नहीं बचेगा, और सभी अपने स्वयं के प्रकार के लोगों के साथ होंगे, जैसा मैं उन्हें नियत करूँगा।

रविवार, 17 मार्च 2019

27. बुरी आत्माओं का क्या काम है? बुरी आत्माओं का काम कैसे प्रकट होता है?

27. बुरी आत्माओं का क्या काम है? बुरी आत्माओं का काम कैसे प्रकट होता है?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
शैतान की ओर से कौनसे कार्य आते हैं? उस कार्य में जो शैतान की ओर से आता है, ऐसे लोगों में दर्शन अस्पष्ट और धुंधले होते हैं, और वे सामान्य मनुष्यत्व के बिना होते हैं, उनमें उनके कार्यों के पीछे की प्रेरणाएँ गलत होती हैं, और यद्यपि वे परमेश्वर से प्रेम करना चाहते हैं, फिर भी उनके भीतर सैदव दोषारोपण रहते हैं, और ये दोषारोपण और विचार उनमें सदैव हस्तक्षेप करते रहते हैं, जिससे वे उनके जीवन की बढ़ोतरी को सीमित कर देते हैं और परमेश्वर के समक्ष सामान्य परिस्थितियों को रखने से उन्हें रोक देते हैं।

बुधवार, 27 फ़रवरी 2019

9. ईमानदार व्यक्ति बनने में प्रवेश का अभ्यास कैसे करना चाहिए?

9. ईमानदार व्यक्ति बनने में प्रवेश का अभ्यास कैसे करना चाहिए?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
तुम्हें ईमानदार होना आवश्यक है, और तुम्हें अपने हृदय की धूर्तता से छुटकारा पाने के लिए प्रार्थना करना आवश्यक है। जब तुम जरुरत के समय स्वयं को शुद्ध करने के लिए प्रार्थना का प्रयोग करते हो, और परमेश्वर के आत्मा के द्वारा स्पर्श किए जाने के लिए इसका प्रयोग करते हो, तो तुम्हारा स्वभाव धीरे-धीरे बदलता जाएगा।
"वचन देह में प्रकट होता है" से "प्रार्थना की क्रिया के विषय में" से
परमेश्वर द्वारा लोगों से माँग किया जाने वाला सबसे निम्नतम स्तर यह है कि वे अपने हृदयों को परमेश्वर के प्रति खोल सकें। यदि मनुष्य अपना सच्चा हृदय परमेश्वर को दे दे और परमेश्वर से वह कहे जो वास्तव में उसके हृदय में परमेश्वर के लिए है, तो परमेश्वर मनुष्य में कार्य करने के लिए तैयार है; परमेश्वर मनुष्य का विकृत हृदय नहीं चाहता, बल्कि उसका शुद्ध और खरा हृदय चाहता है। यदि मनुष्य सच्चाई के साथ परमेश्वर के समक्ष अपने हृदय से नहीं बोलता है, तो परमेश्वर मनुष्य के हृदय को स्पर्श नहीं करता या उसके भीतर कार्य नहीं करता।

मंगलवार, 26 फ़रवरी 2019

8. ईमानदार व्यक्ति और धोखेबाज व्यक्ति में क्या अंतर है?

8. ईमानदार व्यक्ति और धोखेबाज व्यक्ति में क्या अंतर है?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
ईमानदारी का अर्थ है अपना हृदय परमेश्वर को अर्पित करना; किसी भी चीज़ में उस से ढकोसला नहीं करना; सभी चीजों में उसके प्रति निष्कपट होना, सत्य को कभी भी नहीं छुपाना; कभी भी ऐसा कार्य नहीं करना जो उन लोगों को धोखा देता हो जो ऊँचे हैं और उन लोगों को भ्रम में डालता हो जो नीचे हैं; और कभी भी ऐसा काम नहीं करना जो केवल परमेश्वर की चापलूसी करने के लिए किया जाता है। संक्षेप में, ईमानदार होने का अर्थ है अपने कार्यों और वचनों में अशुद्धता से परहेज करना, और न तो परमेश्वर को और न ही मनुष्य को धोखा देना। जो मैं कहता हूँ वह बहुत साधारण है, किन्तु तुम लोगों के लिए दुगुना दुष्कर है।

सोमवार, 25 फ़रवरी 2019

7. एक धोखेबाज व्यक्ति क्या है? धोखेबाज़ लोगों को क्यों नहीं बचाया जा सकता है?

7. एक धोखेबाज व्यक्ति क्या है? धोखेबाज़ लोगों को क्यों नहीं बचाया जा सकता है?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
यदि तुम बहुत धोखेबाज हो, तो तुम्हारे पास एक संरक्षित हृदय होगा और सभी मामलों और सभी लोगों के बारे में संदेह के विचार होंगे। इसी कारण से, मुझ में तुम्हारा विश्वास संदेह कि नींव पर बना है। इस प्रकार के विश्वास को मैं कभी भी स्वीकार नहीं करूँगा। सच्चे विश्वास का अभाव होने पर, तुम सच्चे प्रेम से और भी अधिक दूर होगे। और यदि तुम परमेश्वर पर भी संदेह करने और अपनी इच्छानुसार उसके बारे में अनुमान लगाने में समर्थ हो, तो तुम संदेह से परे मनुष्यों में सबसे सबसे अधिक धोखेबाज हो।
"वचन देह में प्रकट होता है" से "पृथ्वी के परमेश्वर को कैसे जानें" से
जो लोग ईमानदारी से अपना जीवन नहीं जीते हैं, जो दूसरों के सामने होते हैं को किसी ऐसे व्यक्ति के जैसा होने का नाटक करते हैं जो वे नहीं हैं, जो नम्रता, धैर्य और प्रेम का दिखावा करते हैं, जबकि मूल रूप में वे कपटी, धूर्त हैं और परमेश्वर के प्रति उनकी कोई निष्ठा नहीं हैं, ऐसे मनुष्य अंधकार के प्रभाव में रहने वाले लोगों के विशिष्ट नमूने हैं, वे सर्पों के सपोले हैं।
"वचन देह में प्रकट होता है" से "अंधकार के प्रभाव से बच निकलें और आप परमेश्वर द्वारा जीत लिए जाएँगे" से
तुम लोगों को जानना चाहिए कि परमेश्वर एक ईमानदार मनुष्य को पसंद करता है। परमेश्वर के पास निष्ठा का सार है, और इसलिए उसके वचन पर हमेशा भरोसा किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, उसका कार्य दोषरहित और निर्विवाद है। यही कारण है कि क्यों परमेश्वर उन लोगों को पसंद करता है जो उसके साथ पूरी तरह से ईमानदार हैं। … तुम्हें पता होना चाहिए कि तुम्हारे भीतर सच्चा विश्वास और सच्ची वफादारी है कि नहीं, परमेश्वर के लिए कष्ट उठाने का तुम्हारा कोई अभिलेख है कि नहीं, और तुमने परमेश्वर के प्रति पूरी तरह से समर्पण किया है कि नहीं। यदि तुममें इन बातों का अभाव है, तो तुम्हारे भीतर अवज्ञा, धोखा, लालच, और शिकायत बची है। चूँकि तुम्हारा हृदय ईमानदार नहीं है, इसलिए तुमने कभी भी परमेश्वर से सकारात्मक स्वीकृति प्राप्त नहीं की है और कभी भी प्रकाश में जीवन नहीं बिताया है। अंत में किसी व्यक्ति का भाग्य कैसे सम्पन्न होता है यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसके पास एक ईमानदार और रक्तिम हृदय है कि नहीं, और उसके पास एक शुद्ध आत्मा है कि नहीं। यदि तुम कोई ऐसे व्यक्ति हो जो अत्यधिक बेईमान है, जिसके पास ईर्ष्यालु हृदय है, और कोई ऐसे व्यक्ति हो जिसकी आत्मा अशुद्ध है, तो तुम्हारे भाग्य का अभिलेख निश्चित रूप से ऐसी जगह में है जहाँ मनुष्य को दण्ड दिया जाता है। यदि तुम अत्यधिक ईमानदार होने का दावा करते हो, मगर कभी भी सत्य के अनुसार कार्य करने या सत्य का एक भी वचन बोलने का प्रबंध नहीं करते हो, तो क्या तुम तब भी परमेश्वर से तुम्हें पुरस्कृत किए जाने की प्रतीक्षा करते हो? क्या तुम तब भी परमेश्वर से आशा करते हो कि वह तुम्हें अपनी आँखों के तारे के समान माने? क्या यह सोचने का हास्यास्पद तरीका नहीं है? तुम सभी बातों में परमेश्वर को धोखा देते हो, तो परमेश्वर का घर तुम जैसे किसी को कैसे जगह दे सकता है जिसके हाथ अशुद्ध हैं?
"वचन देह में प्रकट होता है" से "तीन चेतावनियाँ" से
Source From :सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया

रविवार, 24 फ़रवरी 2019

6. एक ईमानदार व्यक्ति क्या होता है? परमेश्वर ईमानदार लोगों को क्यों पसंद करता है?

6. एक ईमानदार व्यक्ति क्या होता है? परमेश्वर ईमानदार लोगों को क्यों पसंद करता है?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
ईमानदारी का अर्थ है अपना हृदय परमेश्वर को अर्पित करना; किसी भी चीज़ में उस से ढकोसला नहीं करना; सभी चीजों में उसके प्रति निष्कपट होना, सत्य को कभी भी नहीं छुपाना; कभी भी ऐसा कार्य नहीं करना जो उन लोगों को धोखा देता हो जो ऊँचे हैं और उन लोगों को भ्रम में डालता हो जो नीचे हैं; और कभी भी ऐसा काम नहीं करना जो केवल परमेश्वर की चापलूसी करने के लिए किया जाता है।

शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2019

4. सच्ची प्रार्थना करने का क्या मतलब है?

4. सच्ची प्रार्थना करने का क्या मतलब है?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
सच्चाई के साथ प्रार्थना करने का क्या अर्थ है? इसका अर्थ है अपने हृदय में शब्दों को कहना, और परमेश्वर की इच्छा को समझकर और उसके वचनों पर आधारित होकर परमेश्वर के साथ वार्तालाप करना; इसका अर्थ है विशेष रूप से परमेश्वर के निकट महसूस करना, यह महसूस करना कि वह तुम्हारे सामने है, और कि तुम्हारे पास उससे कहने के लिए कुछ है; और इसका अर्थ है अपने हृदय में विशेष रूप से प्रज्ज्वलित या प्रसन्न होना, और यह महसूस करना कि परमेश्वर विशेष रूप से मनोहर है। तुम विशेष रूप से प्रेरणा से भरे हुए महसूस करोगे, और तुम्हारे शब्दों को सुनने के बाद तुम्हारे भाई और तुम्हारी बहनें आभारी महसूस करेंगे, वे महसूस करेंगे कि जो शब्द तुम बोलते हो वे उनके हृदय के भीतर के शब्द हैं, वे ऐसे शब्द हैं जो वे कहना चाहते हैं, और जो तुम कहते हो वह वही है जो वे कहना चाहते हैं।

ईसाई गीत | सिर्फ़ वही प्रवेश करेंगे अंतिम विश्राम में जो हो चुके हैं पवित्र

ईसाई गीत  | सिर्फ़ वही प्रवेश करेंगे अंतिम विश्राम में जो हो चुके हैं पवित्र उतरी है आदम हव्वा से, लेकिन भविष्य की मानव जाति, न होगी ...