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मंगलवार, 10 सितंबर 2019

Hindi Christian Song | परमेश्वर स्वयं के लिए इंसान की सच्ची आस्था और प्रेम पाने की करता है आशा

Hindi Christian Song | परमेश्वर स्वयं के लिए इंसान की सच्ची आस्था और प्रेम पाने की करता है आशा


परमेश्वर करता है आशा, जब तुम समझो, उसके सच्चे रूप को, तुम हो जाओगे उनके और करीब; सच्चे दिल से समझोगे उनके प्रेम को, इंसानियत के लिए उनकी चिंता की करोगे सच्ची तारीफ़; अपने दिल को सौंप दोगे उनके हाथ में, न रहेगा शंका न होगा कोई संदेह उनके बारे में, इंसान के लिए वो सब कुछ करते हैं, लेकिन चुपके से, उनकी सच्चाई, निष्ठा और प्यार मिलता है इंसान को चुपके से। वह अपने किये पर कभी नहीं पछताता है, न इंसान से मांगता है नेकी का बदला और न करता है उनसे कुछ मिलने की आशा। वह जो कुछ भी करता उसमें सच्ची आस्था और प्यार ही उसकी इकलौती मुराद है। जब तुम्हारा दिल सच में पहचानता है परमेश्वर का स्वभाव और उसके सार के लिए तुममें हो बड़ी सराहना, तुम महसूस करोगे परमेश्वर को बिल्कुल अपने करीब, तुम महसूस करोगे परमेश्वर को बिल्कुल अपने करीब। ये ही है सच्चाई! "वचन देह में प्रकट होता है से आगे जारी" से

अनुशंसित: प्रभु यीशु मसीह के वचन——आपको नये प्रकाश रोशनी में लाना——अधिक जानने के लिए क्लिक करें

सोमवार, 20 मई 2019

36. उत्पीड़न और आपदा ने पनपने में मेरी सहायता की

बाइतुओ डेझोउ शहर, शैंडॉन्ग प्रांत
पहले, मैं सिर्फ इतना ही जानती थी कि परमेश्वर की बुद्धि का प्रयोग शैतान की साज़िश के आधार पर किया जाता था, यह कि परमेश्वर बुद्धिमान परमेश्वर है और यह कि शैतान सिद्धांत रूप से हमेशा ही परमेश्वर का पराजित शत्रु होगा, लेकिन मुझे इस बारे में कोई समझ या ज्ञान नहीं था कि यह वास्तविक अनुभव पर आधारित है। बाद में, केवल परमेश्वर द्वारा व्यवस्थित वातावरण के भीतर ही मुझे सत्य के इस पहलू का कुछ वास्तविक अनुभव प्राप्त हुआ।

रविवार, 19 मई 2019

Hindi Christian Movie | तोड़ डालो अफ़वाहों की ज़ंजीरें | See Through Rumors and Welcome the Lord

Hindi Christian Movie | तोड़ डालो अफ़वाहों की ज़ंजीरें | See Through Rumors and Welcome the Lord



2000 साल पहले, जब प्रभु यीशु ने छुटकारे का कार्य किया था, तब उन्हें यहूदी धार्मिक समुदाय के ऊटपटाँग लांछनों और निंदा को झेलना पड़ा था। यहूदी नेताओं ने रोमन सरकार के साथ साँठ-गाँठ कर उन्‍हें सूली पर चढ़ा दिया था। अंत के दिनों में, सर्वशक्तिमान परमेश्वर – देहधारण कर लौटे हुए प्रभु यीशु – न्याय का कार्य करने के लिए चीन पहुँच गये हैं। इस बार एक बार फिर, वे, चीनी कम्‍युनिस्‍ट सरकार और धार्मिक दुनिया के हाथों, उन्मत्त निंदा, दमन और गिरफ़्तारी का सामना कर रहे हैं ।

शनिवार, 18 मई 2019

Hindi Christian Movie | जोखिम भरा है मार्ग स्वर्ग के राज्य का | God Is My Rock and My Salvation

Hindi Christian Movie | जोखिम भरा है मार्ग स्वर्ग के राज्य का | God Is My Rock and My Salvation


ईसाई झोंग ज़िन चीन की मुख्यभूमि की एक गृह कलीसिया का उपदेशक है। वह सच्‍चे मार्ग की जाँच करने और यह निर्धारित करने के लिए कि सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर ही प्रभु यीशु की वापसी हैं, अपने भाई-बहनों की अगुआई करता है। हालाँकि कुछ लोग सीसीपी सरकार के और धार्मिक मण्डलियों के लोगों के पागलों की तरह सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर की कलीसिया के विरोध और उसकी निंदा को देख कर घबरा जाते हैं।

गुरुवार, 9 मई 2019

Hindi Christian Movie | सुसमाचार दूत | Preach the Gospel and Make Disciples of All Nations

Hindi Christian Movie | सुसमाचार दूत | Preach the Gospel and Make Disciples of All Nations


ईसाई चेन यिशिन कई वर्षों से प्रभु में विश्वास करती रही है, और उसने अंत के दिनों में प्रभु यीशु—सर्वशक्तिमान परमेश्वर की वापसी का स्वागत करने का सौभाग्य पाया है! उसे इंसान को बचाने की सर्वशक्तिमान परमेश्वर की उत्कट इच्छा समझ में आ गई और यह भी समझ में आ गया कि एक सृजित प्राणी का लक्ष्य और दायित्व क्या होना चाहिये। इसलिए उसने सुसमाचार का प्रचार और अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य की गवाही देनी आरंभ कर दी। इस कार्य के लिये वह शहर-शहर, प्रांत-प्रांत घूमने लगी। इस दौरान उसे धार्मिक मंडलियों के दमन और अस्वीकृति का भी सामना करना पड़ा।

गुरुवार, 18 अप्रैल 2019

इस प्रकार की सेवा सच में तिरस्करणीय है

डिंग निंग हेज़े सिटी, शैन्डॉन्ग प्रांत
पिछले कुछ दिनों में, कलीसिया ने मेरे कार्य में एक परिवर्तन की व्यवस्था की है। जब मुझे यह नया कार्यभार मिला, तो मैंने सोचा, "मुझे अपने भाई—बहनों के साथ एक सभा बुलाने, मामलों के बारे में साफ तौर पर उनसे बात करने, और उन पर अच्छा प्रभाव छोड़ने के लिए इस अंतिम अवसर को लेने की जरूरत है।" इसलिए, मैंने कई उपयाजकों से मुलाकात की, और हमारी मुलाकात की समाप्ति पर, मैंने कहा, "मुझसे यहाँ से चले जाने और एक अन्य कार्य पर जाने के लिए कहा गया है। मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोग उस अगुआ को स्वीकार करेंगे जो मेरी जगह आएगी और एक दिल और एक मन से उसके साथ मिलकर कार्य करेंगे।"

मंगलवार, 16 अप्रैल 2019

अपनी असलियत की सही पहचान

शाओशाओ शूझाऊ शहर, ज़िआंग्सु प्रांत
चर्च के काम-काज की आवश्यकताओं के कारण, मुझे अपने कर्तव्य के निर्वाह के लिए एक दूसरे स्थान पर भेजा गया था। उस समय, उक्त स्थान पर सुसमाचार का कार्य संतोषजनक स्थिति मेँ नहीं था और भाइयों और बहनों की स्थिति समान्यतया अच्छी नहीं थी। लेकिन चूंकि मुझे पवित्र आत्मा का सानिध्य प्राप्त था, प्रतिकूल अवस्था के बावजूद भी मैंने सभी सौंपे हुए कार्य को पूर्ण आत्मविश्वास के साथ हाथ मेँ लिया। सुपुर्द कार्य को स्वीकार करने के बाद, मैंने पूर्ण दायित्व बोध, सम्पूर्ण प्रबुद्धता का अनुभव किया और यह भी सोचा कि मुझमें पर्याप्त इच्छा शक्ति है।

शनिवार, 13 अप्रैल 2019

प्रश्न 6: हम सब-कुछ त्याग दें, प्रभु के सुसमाचार का प्रचार करें और कलीसिया की देखभाल करें। इस तरह के कामों से हम स्वर्ग के पिता की इच्छा को पूरा कर पाएंगे। इस तरह से अभ्यास करना क्या कोई गलत है?

उत्तर: प्रभु के सुसमाचार को फैलाना और उनके लिये कार्य करना ही स्वर्ग के पिता की इच्छा को पूरा करना नहीं होता। स्वर्ग के पिता की इच्छा को पूरा करने के लिये ज़रूरी है कि प्रभु के रास्ते पर चला जाए और उनके आदेशों का पालन किया जाए। इंसान अपना फ़र्ज़ उसी तरह निभाये जैसा प्रभु चाहते हैं। जैसा कि प्रभु यीशु ने कहा है, "तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख। बड़ी और मुख्य आज्ञा तो यही है। और उसी के समान यह दूसरी भी है कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख" (मत्ती 22:37-39)। जहां तक स्वर्ग के पिता की इच्छा को पूरा करने की बात है, तो उसके लिये सबसे ज़रूरी है कि प्रभु यीशु के आज के वचनों का पालन किया जाए।

गुरुवार, 4 अप्रैल 2019

प्रश्न 2: मैंने अपनी आधी से अधिक जिंदगी में मसीह पर विश्वास किया है। मैंने प्रभु के लिए अथक रूप से काम किया है और मुझे निरंतर उनके दूसरे आगमन की प्रतीक्षा रही है। अगर प्रभु आए हैं, तो मुझे उनका प्रकाशन क्यों नहीं मिला? क्या उन्होंने मुझे किनारे कर दिया है? इस बात ने मुझे बहुत दुविधा में डाल दिया है। आप इसे कैसे समझाएंगे?

उत्तर: मनुष्य सोचता है कि अगर वह अपनी आधी जिंदगी प्रभु में विश्वास करता है, प्रभु के लिए कठिन परिश्रम करता है, और सतर्कता से उनके दूसरे आगमन की प्रतीक्षा करता है, तो जब प्रभु दूसरी बार आएंगे, वे उन्हें प्रकाशन देंगें। यह मनुष्य की अवधारणा और परिकल्पना है, इसका परमेश्वर के कार्य की सच्चाई से कोई संबंध नहीं है। यहूदी फ़रीसियों ने परमेश्वर के रास्ते में फैली जमीन और समुद्र को घेर लिया था। क्या प्रभु यीशु ने कभी भी अपने आगमन पर उनको कोई प्रकाशन दिया? जहां तक प्रभु यीशु का अनुसरण करने वाले शिष्यों का प्रश्न है, उनमें से किसने प्रभु यीशु का अनुसरण इसलिए किया क्योंकि उन्हें प्रकाशन दिया गया था? एक ने भी नहीं! आप यह तर्क दे सकते हैं कि पतरस को परमेश्वर का प्रकाशन मिला था और उन्होंने पहचान लिया था कि प्रभु यीशु ही मसीह, परमेश्वर के पुत्र हैं, मगर ऐसा तब हुआ था जब पतरस कुछ समय से प्रभु यीशु का अनुसरण कर रहे थे और कुछ समय तक उनके उपदेश को सुना था और उनके बारे में कुछ जानकारी हासिल की थी।

रविवार, 31 मार्च 2019

45. जो लोग बचाए और पूर्ण किये गए हैं उनके लिए परमेश्वर के क्या वादे हैं?

45. जो लोग बचाए और पूर्ण किये गए हैं उनके लिए परमेश्वर के क्या वादे हैं?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
अब मैं निर्बाध अपने लोगों के मध्य चल रहा हूं, मेरे लोगों के मध्य में रहता हूं। आज, जो मेरे लिए वास्तविक प्रेम रखते हैं, ऐसे लोग ही धन्य हैं; जो मुझे समर्पित रहते हैं वे धन्य हैं, वे निश्चय ही मेरे राज्य में रहेंगे; जो मुझे जानते हैं वे धन्य हैं, वे निश्चय ही मेरे राज्य में शक्ति प्राप्त करेंगे; जो मेरा अनुसरण करते हैं वे धन्य हैं, वे निश्चय ही शैतान के बंधनों से स्वतंत्र होंगे और मेरी आशीषों का आनन्द लेंगे; वे लोग धन्य हैं जो अपने आप को मेरे लिए त्यागते हैं, वे निश्चय ही मेरे राज्य को प्राप्त करेंगे और मेरे राज्य का उपहार पाएंगे। जो लोग मेरे खातिर मेरे चारों ओर दौड़ते हैं उनके लिए मैं उत्सव बनाऊंगा, जो लोग मेरे लिए अपने आप को समर्पित करते हैं मैं उन्हें आनन्द से गले लगाऊंगा, जो लोग मुझे भेंट देते हैं मैं उन्हें आनन्द दूंगा।

मंगलवार, 26 मार्च 2019

40. अच्छे कर्म क्या हैं? अच्छे कर्मों की अभिव्यक्तियाँ क्या हैं?

40. अच्छे कर्म क्या हैं? अच्छे कर्मों की अभिव्यक्तियाँ क्या हैं?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
यदि तुम सत्य को धारण करते हो, तो तुम परमेश्वर का अनुसरण कर सकते हो। यदि तुम जीवन जीते हो, तो तुम परमेश्वर के वचन की अभिव्यक्ति हो सकते हो। यदि तुम्हारे पास जीवन है तो तुम परमेश्वर की आशीषों का आनन्द ले सकते हो। जो लोग सत्य को धारण करते हैं वे परमेश्वर के आशीष का आनन्द ले सकते हैं। परमेश्वर उनके कष्टों का निवारण सुनिश्चित करता है जो उसे सम्पूर्ण हृदय से प्रेम करते हैं और साथ ही कठिनाईयों और पीड़ाओं को सहते हैं, उनके नहीं जो केवल अपने आप से प्रेम करते हैं और शैतान के धोखों का शिकार हो चुके हैं।

सोमवार, 25 मार्च 2019

36. कितने धर्मी लोग विपत्तिओं में परमेश्वर के पास वापस आ जाएँगे?

36. कितने धर्मी लोग विपत्तिओं में परमेश्वर के पास वापस आ जाएँगे?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
जैसे ही मैं बोलने के लिए विश्व की तरफ अपने चेहरे को घुमाता हूँ, सारी मानवजाति मेरी आवाज़ को सुनती है, और उसके बाद उन सभी कार्यों को देखती है जिसे मैंने समूचे ब्रह्माण्ड में गढ़ा है। वे जो मेरी इच्छा के विरूद्ध जाते हैं, अर्थात्, जो मनुष्य के कार्यों से मेरा विरोध करते हैं, वे मेरी ताड़ना के अधीन नीचे गिर जाएँगे। मैं स्वर्ग के असंख्य तारों को लूँगा और उन्हें फिर से नया कर दूँगा, और मेरे कारण सूर्य और चन्द्रमा को नया बना दिया जाएगा-आकाश अब और वैसा नहीं रहेगा जैसा वह था; पृथ्वी पर बेशुमार चीज़ों को फिर से नया बना दिया जाएगा।

मंगलवार, 12 मार्च 2019

22. मनुष्य का अनुसरण करना किसे कहते हैं?

22. मनुष्य का अनुसरण करना किसे कहते हैं?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
8. जो लोग परमेश्वर में विश्वास करते हैं, उन्हें परमेश्वर की आज्ञा माननी चाहिए और उसकी आराधना करनी चाहिए। तुम्हें किसी व्यक्ति को ऊँचा नहीं ठहराना चाहिए या किसी व्यक्ति पर श्रद्धा नहीं रखनी चाहिए; तुम्हें पहला स्थान परमेश्वर को, दूसरा स्थान उन लोगों को जिनकी तुम श्रद्धा करते हो, और तीसरा स्थान अपने आपको नहीं देना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को तुम्हारे हृदय में कोई स्थान नहीं लेना चाहिए, और तुम्हें लोगों को—विशेष रूप से उन्हें जिनका तुम सम्मान करते हो—परमेश्वर के समतुल्य, उसके बराबर नहीं मानना चाहिए। यह परमेश्वर के लिए असहनीय है।
"वचन देह में प्रकट होता है" से "दस प्रशासनिक आज्ञाएँ जिनका परमेश्वर के चयनित लोगों द्वारा राज्य के युग में पालन अवश्य किया जाना चाहिए" से
कुछ लोग सत्य में आनन्द नहीं मनाते हैं, न्याय की तो ही दूर है। बल्कि वे शक्ति और धन में आनन्द मनाते हैं; इस प्रकार के लोग मिथ्याभिमानी समझे जाते हैं।

शनिवार, 2 मार्च 2019

12. "सब कुछ पीछे छोड़कर परमेश्वर का अनुसरण करो" इसका क्या मतलब है?

12. "सब कुछ पीछे छोड़कर परमेश्वर का अनुसरण करो" इसका क्या मतलब है?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
तुम अपना हृदय और शरीर और अपना समस्त वास्तविक प्यार परमेश्वर को समर्पित कर सकते हो, उसके सामने रख सकते हो, उसके प्रति पूरी तरह से आज्ञाकारी हो सकते हो, और उसकी इच्छा के प्रति पूर्णतः विचारशील हो सकते हो। शरीर के लिए नहीं, परिवार के लिए नहीं, और अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं के लिए नहीं, बल्कि परमेश्वर के परिवार के हित के लिए। तुम परमेश्वर के वचन को हर चीज में सिद्धांत के रूप में, नींव के रूप में ले सकते हो। इस तरह, तुम्हारे इरादे और तुम्हारे दृष्टिकोण सब सही जगह पर होंगे, और तुम ऐसे व्यक्ति होगे जो उसके सामने परमेश्वर की प्रशंसा प्राप्त करता है।
"वचन देह में प्रकट होता है" से "जो लोग परमेश्वर की व्यावहारिकता के प्रति पूर्णतः आज्ञाकारी हो सकते हैं ये वे लोग हैं जो परमेश्वर से सचमुच प्यार करते हैं" से
तू परमेश्वर में विश्वास करता है और परमेश्वर का अनुसरण करता है, और इस प्रकार तुझे अपने ह्रदय में परमेश्वर से प्रेम करना होगा।

गुरुवार, 28 फ़रवरी 2019

10. अपने कर्तव्य को करने का क्या अर्थ है?

10. अपने कर्तव्य को करने का क्या अर्थ है?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
मनुष्य का अपना कर्तव्य निभाना, वास्तव में, उस सबका निष्पादन है जो मनुष्य के भीतर अन्तर्निहित है, अर्थात्, जो मनुष्य के लिए संभव है, उसका निष्पादन है। यह इसके बाद ही है कि उसका कर्तव्य पूरा होता है। मनुष्य की सेवा के दौरान मनुष्य के दोष उसके प्रगतिशील अनुभवों और न्याय के अनुभव की उसकी प्रक्रिया के माध्यम से धीरे-धीरे कम होते जाते हैं; वे मनुष्य के कर्तव्य में बाधा हैं या प्रभाव नहीं डालते हैं। वे लोग जो सेवा करना बंद कर देते हैं या हार मान लेते हैं और ऐसे दोषों के भय से पीछे हट जाते हैं जो सेवा में विद्यमान हो सकते हैं सभी मनुष्यों में सबसे कायर होते हैं।

बुधवार, 14 नवंबर 2018

जो परमेश्वर को और उसके कार्य को जानते हैं केवल वे ही परमेश्वर को सन्तुष्ट कर सकते हैं

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जो परमेश्वर को और उसके कार्य को जानते हैं केवल वे ही परमेश्वर को सन्तुष्ट कर सकते हैं


देहधारी परमेश्वर के कार्य में दो भाग शामिल हैं। जब सबसे पहली बार उसने देह धारण किया, तो लोगों ने उस पर विश्वास नहीं किया या उसे नहीं पहचाना, और यीशु को सलीब पर चढ़ा दिया। दूसरी बार भी लोगों ने उस पर विश्वास नहीं किया, उसे बहुत कम पहचाना, और एक बार फिर से मसीह को सलीब पर चढ़ा दिया। क्या मनुष्य परमेश्वर का बैरी नहीं हैं? यदि मनुष्य उसे नहीं जानता है, तो वह परमेश्वर का अंतरंग कैसे हो सकता है? और वह कैसे परमेश्वर की गवाही देने के योग्य हो सकता है?

सोमवार, 5 नवंबर 2018

जो सच्चे हृदय से परमेश्वर के आज्ञाकारी हैं वे निश्चित रूप से परमेश्वर के द्वारा ग्रहण किए जाएँगे

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जो सच्चे हृदय से परमेश्वर के आज्ञाकारी हैं वे निश्चित रूप से परमेश्वर के द्वारा ग्रहण किए जाएँगे


पवित्र आत्मा का कार्य दिन ब दिन बदलता जाता है, हर एक कदम के साथ ऊँचा उठता जाता है; आने वाले कल का प्रकाशन आज से भी कहीं ज़्यादा ऊँचा होता है, कदम दर कदम और ऊपर चढ़ता जाता है। जिस कार्य के द्वारा परमेश्वर मनुष्य को सिद्ध करता है वह ऐसा ही है। यदि मनुष्य उस गति से चल न पाए, तो उसे किसी भी समय पीछे छोड़ा जा सकता है। यदि मनुष्य के पास आज्ञाकारी हृदय न हो, तो वह अंत तक अनुसरण नहीं कर सकता है। पूर्व का युग गुज़र गया है; यह एक नया युग है।

गुरुवार, 1 नवंबर 2018

परमेश्वर की इच्छा की समरसता में सेवा कैसे करें

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परमेश्वर की इच्छा की समरसता में सेवा कैसे करें


आज, हम प्राथमिक रूप से संवाद करेंगे कि लोगों को परमेश्वर पर अपने विश्वास में परमेश्वर की सेवा कैसे करनी चाहिए, किन शर्तों को पूरा किया जाना चाहिए और उन लोगों के द्वारा क्या समझा जाना चाहिए जो परमेश्वर की सेवा करते हैं, और तुम लोगों की सेवा में कौन-कौन से विचलन हैं। तुम लोगों को यह सब कुछ समझना चाहिए। ये मुद्दे इस बात की चर्चा करते हैं कि तुम लोग परमेश्वर पर किस प्रकार विश्वास करते हो, तुम लोग पवित्र आत्मा के मार्गदर्शन के मार्ग पर किस प्रकार चलते हो, और तुम लोगों का सब कुछ परमेश्वर के द्वारा किस प्रकार से व्यवस्थित किया जाता है, और ये तुम लोगों में परमेश्वर के कार्य के हर कदम को जानने की तुम लोगों को अनुमति देंगे।

शनिवार, 27 अक्टूबर 2018

तुम्हें मसीह की अनुकूलता में होने के तरीके की खोज करनी चाहिए

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तुम्हें मसीह की अनुकूलता में होने के तरीके की खोज करनी चाहिए



मैं मनुष्य के मध्य में बहुत कार्य कर चुका हूं, और इस दौरान जो वचन मैंने व्यक्त किये हैं, वे बहुत हो चुके हैं। ये वचन मनुष्य के उद्धार के लिए ही हैं, और इसलिए व्यक्त किये गए थे ताकि मनुष्य मेरे अनुसार, मुझ से मेल खाने वाला बन सके। फिर भी, पृथ्वी पर मैंने ऐसे बहुत थोड़े ही लोग पाये हैं जो मुझ से मेल खाते हैं, और इसलिए मैं कहता हूं कि मनुष्य मेरे वचनों को बहुमूल्य नहीं समझता, क्योंकि मनुष्य मेरे अनुकूल नहीं है।

गुरुवार, 4 अक्टूबर 2018

तुम किस के प्रति वफादार हो?

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तुम किस के प्रति वफादार हो?


जो जीवन तुम हर दिन जीते हो वह अब तुम्हारी नियति और तुम्हारी तकदीर के लिए निर्णायक और बहुत ही महत्वपूर्ण है। अतः जो कुछ तुम्हारे पास है और हर मिनट जो गुज़रता जाता है उसमें तुम्हें आनन्दित होना चाहिए। खुद को सबसे बड़ा लाभ देने के लिए तुम्हें अपने समय का हर सम्भव सदुपयोग करना चाहिए, ताकि तुम अपने जीवन को व्यर्थ में न जियो। शायद तुम इसके बारे में भ्रमित हो कि मैं ये वचन क्यों कह रहा हूँ? खुलकर कहूँ, तो मैं तुम में से किसी के भी कार्यों से प्रसन्न नहीं हूँ।

ईसाई गीत | सिर्फ़ वही प्रवेश करेंगे अंतिम विश्राम में जो हो चुके हैं पवित्र

ईसाई गीत  | सिर्फ़ वही प्रवेश करेंगे अंतिम विश्राम में जो हो चुके हैं पवित्र उतरी है आदम हव्वा से, लेकिन भविष्य की मानव जाति, न होगी ...